कटनी में कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री पर सख्ती, बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेगी दवा
कटनी में कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री पर सख्ती, बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेगी दवा। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने थोक और खेरची दवा विक्रेताओं को दिया निर्देशों की जानकारी*कटनी (26 मई) – जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप और नार्कोटिक्स औषधियों के बढ़ते दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इन दवाओं की थोक और खुदरा बिक्री के लिए मासिक सीमा तय कर दी है।साथ ही निर्देशित किया गया है कि कोई भी रिटेल दवा विक्रेता बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के कोडीन या नार्कोटिक्स युक्त दवाएं नहीं बेचेगा।ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन ने बताया कि निर्देशों के मुताबिक अब सीएंडएफ से थोक विक्रेता प्रति पैक साइज अधिकतम 1000 बोतल ही प्राप्त कर सकेंगे। वहीं थोक विक्रेता से फुटकर दवा विक्रेता एक माह में अधिकतम 50 बोतल तक ही खरीद और बिक्री कर सकेंगे। सीमा से अधिक बिक्री पर देनी होगी सूचना यदि कोई विक्रेता या व्यक्ति तय सीमा से अधिक मात्रा में कोडीन युक्त दवाओं की खरीद-बिक्री करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत औषधि निरीक्षक कटनी को ई-मेल या व्हाट्सएप के माध्यम से देना अनिवार्य किया गया है। बिना पर्चे दवा देने पर होगी सख्त कार्रवाई*विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी रिटेल दवा विक्रेता बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के कोडीन या नार्कोटिक्स युक्त दवाएं नहीं बेचेगा। दवा देने के बाद संबंधित पर्चे पर मेडिकल स्टोर की सील, हस्ताक्षर और तारीख अंकित करना भी अनिवार्य होगा, ताकि एक ही पर्चे का बार-बार उपयोग रोका जा सके। दुरुपयोग रोकना ही मुख्य उद्देश्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उद्देश्य आवश्यक दवाओं की बिक्री रोकना नहीं, बल्कि इनके जरिए हो रहे नशे के दुरुपयोग पर नियंत्रण रखना है। औषधि निरीक्षक ने केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष से आग्रह किया है कि वे सभी दवा विक्रेताओं से नियमों का सख्ती से पालन करायें। इसके अलावा ड्रग इंस्पेक्टर ने थोक और खेरची दवा विक्रेताओं को भी पत्र भेजकर निर्देशों से अवगत कराया है। डाक्टर की पर्ची के बिना खरीदना गैर-कानूनी कोडीन एक ओपिओइड (अफीम आधारित) दवा है जिसका उपयोग गंभीर दर्द निवारक और खांसी की दवा के रूप में किया जाता है। कोडीन ‘शेड्यूल एच’ (Schedule H) की श्रेणी में आती है। इसे बिना डॉक्टर के वैध पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के बेचना या खरीदना पूरी तरह से गैर -कानूनी और दंडनीय है।कोडीन का बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक नींद आना और इसकी लत लगने का खतरा रहता है।