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दवा की दुकानों पर नए नियम का विरोध, MPPA ने DTAB के फैसले को बताया मरीजों के लिए खतरा

14 Apr, 2026 Adrishy Shakti madhya-pradesh, KATNI

दवा की दुकानों पर नए नियम का विरोध, MPPA ने DTAB के फैसले को बताया मरीजों के लिए खतरा

1001548273 दवा की दुकानों पर नए नियम का विरोध, MPPA ने DTAB के फैसले को बताया मरीजों के लिए खतरा

दवा की दुकानों पर नए नियम का विरोध, MPPA ने DTAB के फैसले को बताया मरीजों के लिए खतराकटनी:केंद्र सरकार के तहत ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) द्वारा प्रस्तावित नए नियमों को लेकर मध्यप्रदेश में विरोध तेज हो गया है। मध्यप्रदेश फार्मासिस्ट एसोसिएशन (MPPA) ने इस निर्णय के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के नाम ज्ञापन सौंपा।जिलाध्यक्ष कपिल देव गुप्ता ने बताया कि DTAB की 93वीं बैठक में Drugs and Cosmetics Act 1940 के नियम 64 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव के तहत अब दवा दुकानों पर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही नहीं, बल्कि साइंस ग्रेजुएट भी सीमित प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर दवाएं बेच सकेंगे।एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ हो सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि फार्मासिस्ट जीवन रक्षक दवाओं का वितरण करते हैं, जिनके साइड इफेक्ट, सही डोज और दवाओं के परस्पर प्रभाव को समझना अत्यंत आवश्यक होता है। बिना पूर्ण फार्मेसी प्रशिक्षण के दवा वितरण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में 60 हजार से अधिक पंजीकृत फार्मासिस्ट हैं, जबकि देशभर में यह संख्या 35 लाख से ज्यादा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट बेरोजगार या आंशिक रोजगार में हैं। हर साल लगभग 2 लाख नए छात्र फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर इस क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उनके रोजगार पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।MPPA ने केंद्र सरकार से मांग की है कि DTAB की इस सिफारिश को तत्काल अस्वीकार किया जाए और फार्मेसी पेशे की गरिमा व मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।इस दौरान ज्ञापन सौंपने में जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, सहसचिव आनंद साहू व आकाश सोनी, कार्यालय प्रभारी सीताराम तिवारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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