अन्नदाता की अनदेखी पर फूटा आक्रोश: बिजली, कीट प्रकोप और ₹3100 धान खरीदी को लेकर सड़कों पर उतरे किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता
अदृश्य शक्ति न्यूज़
स्थान: बरही / खितौली (कटनी, मध्य प्रदेश)
विशेष रिपोर्ट: जानकी प्रसाद विश्वकर्मा
कटनी। देश और प्रदेश की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासनिक सुस्ती और नीतिगत उदासीनता के बीच कटनी जिले की बरही तहसील अंतर्गत खितौली क्षेत्र में किसानों की आवाज बुलंद करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। क्षेत्रीय किसानों की बदहाली, बिजली संकट, फसल बर्बादी और जंगली हाथियों के आतंक को लेकर तहसीलदार एवं बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें तत्काल समाधान न होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी गई।
अंधेरे में गांव, खेत में कीट प्रकोप: समस्याओं की लंबी फेहरिस्त
क्षेत्र के किसानों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। खितौली से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सुतरी गांव में लंबे समय से ट्रांसफार्मर की कमी के चलते ग्रामीण और किसान गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं। सिंचाई के पीक सीजन में बिजली न होने से खेत सूखने की कगार पर हैं।

इसके साथ ही, इस वर्ष धान की फसल पर कीटों (इल्लियों और रोगों) के भीषण प्रकोप ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उत्पादन में भारी गिरावट से लागत तक निकलना मुश्किल हो चुका है। ऐसे संकट के समय बैंकों द्वारा कृषि ऋण की सख्त वसूली किसानों को मानसिक तनाव में धकेल रही है।
प्रमुख मांगें जिन पर उठाई गई आवाज
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने प्रमुखता से ये मांगें रखीं:
- ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीदी: किसानों को उनकी उपज का वाजिब हक दिलाने के लिए धान की सरकारी खरीद ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से की जाए।
- फसल क्षतिपूर्ति व ऋण वसूली पर रोक: कीट प्रकोप से हुए भारी नुकसान का सर्वे कराकर तत्काल मुआवजा दिया जाए और कृषि ऋण की वसूली तुरंत रोकी जाए।
- सुतरी गांव में ट्रांसफार्मर: बिना देरी किए सुतरी में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।
- जंगली हाथियों से सुरक्षा: हरवाह क्षेत्र में जंगली हाथियों के निरंतर बढ़ते आतंक से जान-माल और फसलों की रक्षा के लिए वन विभाग व प्रशासन ठोस कदम उठाए।
अधिकारियों का रुख: आश्वासन या समाधान?
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद बिजली विभाग के जेई ने कहा कि बकाया बिलों की राशि का लगभग 10 प्रतिशत भुगतान की स्थिति को देखते हुए वे तकनीकी टीम भेजकर मौके की जांच कराएंगे।

वहीं, ज्ञापन स्वीकार करते हुए तहसीलदार ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि किसानों के सभी मुद्दों, फसल नुकसान और मांगों की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर कटनी को भेजी जाएगी, ताकि जिला स्तर से त्वरित नीतिगत और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
जनआंदोलन में ये रहे उपस्थित
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख रूप से अखिलेश द्विवेदी, खितौली मंडल अध्यक्ष तेजराज सिंह (तेजा), ब्लॉक अध्यक्ष अंबिका द्विवेदी, लल्ला महाराज, शरद द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य प्रेमलाल केवट, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय बिलोहा, अशोक उपाध्याय और निरपत कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किसानों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने केवल आश्वासनों तक बात सीमित रखी, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र रूप लेगा।