निवार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जंगल के रास्ते गांजा तस्करी की कोशिश नाकाम, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
जबलपुर/कटनी (अदृश्य शक्ति न्यूज़)।
संभाग ब्यूरो चीफ राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निवार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सटीक घेराबंदी कर जंगल के रास्ते गांजा तस्करी करने की कोशिश को नाकाम करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया व थाना प्रभारी संजय दुबे के नेतृत्व में अंजाम दी गई।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, रंगे हाथ पकड़ाया तस्कर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 जुलाई 2026 को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम बड़खेड़ा के जंगल के पास एक व्यक्ति गांजे की खेप लेकर तस्करी की फिराक में है। सूचना मिलते ही निवार पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चारों तरफ से घेराबंदी की और रेड की कार्रवाई की।
इस दौरान पुलिस को देखकर एक संदिग्ध व्यक्ति सफेद रंग का थैला लेकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रेमशंकर चौबे (50 वर्ष), निवासी अमोदा (थाना मझौली, जबलपुर), हाल मुकाम अमीरगंज (थाना माधवनगर) बताया।
1 किलो से अधिक गांजा बरामद, मुख्य सप्लायर भी गिरफ्तार
जब पुलिस ने संदिग्ध आरोपी के थैले की तलाशी ली, तो उसके भीतर सफेद रंग की पन्नी में हरे रंग का नशीला पदार्थ (हरी पत्तेदार व बीज युक्त गांजा) बरामद हुआ। तौल करने पर गांजे की कुल मात्रा 01 किलो 10 ग्राम पाई गई, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी प्रेमशंकर चौबे ने खुलासा किया कि उसने यह गांजा पूरन बर्मन (निवासी मझौली, जबलपुर) से खरीदा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायर आरोपी पूरन बर्मन को भी दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय के आदेश पर भेजे गए जेल:
पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय कटनी के समक्ष जे.आर. (Judicial Remand) पर पेश किया, जहाँ से न्यायालय के आदेश पर वारंट तैयार कर दोनों को जिला जेल कटनी भेज दिया गया है।
सराहनीय भूमिका
इस पूरी सफल और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई में चौकी प्रभारी अंजनी मिश्र, सउनि. राजेश कोरी, प्रधान आरक्षक गौरव सेन, मनीष कुमार, संतोष प्रजापति, आरक्षक अरविंद सिंह, शुभम सिंह और महिला आरक्षक आरती सैयाम की अत्यंत सराहनीय व मुख्य भूमिका रही।