भोलेनाथ की भक्ति में लीन कांवरिए: कोनिया मंदिर से जल लेकर विजयनाथधाम बरही पहुंचे हजारों शिवभक्तबरही (कटनी)।श्रावण मास के पावन सोमवार को बरही तहसील के jnn मंदिर से लेकर विजयनाथधाम तक शिवभक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर कांवरिए “बोल बम” के जयघोष के साथ जल अर्पित करने बरही स्थित विजयनाथधाम पहुंचे।
🔱 जय भोलेनाथ! कोनिया से विजयनाथधाम तक भक्तों की आस्था की कावड़ यात्रा | बरही, कटनी
कटनी जिले की बरही तहसील अंतर्गत, सावन के पावन सोमवार को भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण क्षेत्र गूंज उठा। बरही से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित कोनिया मंदिर से श्रद्धालु कावड़ में जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए विजयनाथधाम मंदिर, बरही पहुंचे। यह यात्रा शिवभक्ति, संकल्प और सामूहिक उत्साह का अनुपम दृश्य बन गई।
🙏 बच्चों की भक्ति, महिलाओं की भागीदारी
कांवड़ यात्रा में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी पूरे जोश और संकल्प के साथ भाग लिया। कोई बच्ची IPS बनने की कामना लेकर निकली, तो कोई अपने परिवार के सुख-शांति की प्रार्थना लेकर भोलेनाथ के चरणों में जल चढ़ाने चली। महिलाएं भी बड़ी संख्या में इस आस्था यात्रा में सम्मिलित रहीं, जो समाज में समान भागीदारी का संदेश देती हैं।
🚓 प्रशासन सतर्क, भंडारे का आयोजन
यात्रा के मार्ग में पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से तैनात रहा, ताकि किसी भी कांवड़ यात्री को कोई असुविधा न हो। जगह-जगह भंडारे लगाए गए—जहां श्रद्धालुओं को चाय-पानी, फलाहार और भोजन कराया गया। स्थानीय जनता की सेवा भावना देखते ही बनती थी।
🎶 डीजे की धुन पर झूमते भक्त
भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम इस यात्रा में देखने को मिला। डीजे की तेज धुन पर “बोल बम” के नारों के साथ श्रद्धालु नाचते-गाते भगवान शिव के दरबार की ओर अग्रसर हुए।

🌼 भंडारों में समाजसेवियों का सहयोग
विजयनाथधाम मंदिर परिसर में प्रमुख भंडारों का आयोजन किया गया, जिसमें—
- वरिष्ठ समाजसेवी व पत्रकार दीपक अग्रवाल जी के परिवार द्वारा
- बोल बम समिति द्वारा
- एवं विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के सुपुत्र एश पाठक की ओर से विशेष भंडारे की व्यवस्था रही।
🔁 चार वर्षों से निरंतर परंपरा
यह कावड़ यात्रा पिछले चार वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही है। हर साल भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, और इस वर्ष विशेष रूप से नंगे पांव चलने वाले छोटे-छोटे बच्चों की भक्ति भाव ने सबका ध्यान खींचा।
⛳ विजयनाथधाम बरही में सावन के इस विशेष सोमवार पर शिवभक्तों की श्रद्धा और सेवा की भावना ने एक अनुपम मिसाल पेश की। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोषों के बीच यह यात्रा एक आध्यात्मिक पर्व का रूप ले चुकी है।

इस पवित्र यात्रा में छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।कई बच्चों ने अपनी मनोकामनाओं को लेकर यह यात्रा पूरी की — कोई आईपीएस बनने की कामना कर रहा था, तो कोई अपने घर में सुख-शांति की। श्रद्धालु नंगे पांव कांवर उठाकर भगवान शिव को जल चढ़ाने निकले।

रास्ते भर जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहाँ कांवरियों को फलाहार, जलपान और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखा। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।बरही नगर में डीजे की धुनों पर नाचते गाते शिवभक्तों का उत्साह देखने लायक था। नगरवासियों ने जगह-जगह कांवरियों का स्वागत किया। विजयनाथधाम मंदिर परिसर में भारी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में भी भंडारों का आयोजन किया गया।भंडारों का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी एवं पत्रकार दीपक अग्रवाल और उनके परिवार, बोल बम समिति तथा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के सुपुत्र एश पाठक द्वारा किया गया।यह कावड़ यात्रा पिछले चार वर्षों से निरंतर जारी है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। इस वर्ष भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला, विशेषकर नन्हे शिवभक्तों की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
अदृश्य की न्यूज़ से
जानकी प्रसाद विश्वकर्मा की खास खबर