बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सरसवाही में जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

🔳बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सरसवाही में जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित🔳कटनी – कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सरसवाही में जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

*अदृश्य शक्ति न्यूज से जानकी प्रसाद विश्वकर्मा की खबर*

कार्यक्रम में सर्वप्रथम महिला एवं बाल विकास की सहायक संचालक सुश्री वनश्री कुर्वेती द्वारा उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षक गण को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के बारे में बताया गया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि विवाह की वैधानिक आयु लड़की के लिए 18 वर्ष एवं लड़के के लिए 21 वर्ष है। इससे कम आयु में विवाह करना कानूनन अपराध है।कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी श्री मनीष तिवारी द्वारा छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया की कम आयु में विवाह करने के क्या दुष्परिणाम होते हैँ। अतः आवश्यक है कि प्रत्येक बालिका को पढ़ने और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर चाइल्ड लाइन टोल फ्री नंबर 1098, एकीकृत आपातकालीन रिस्पांस नंबर 112 या 181 पर सम्पर्क करें।वहीं प्राचार्य श्री शत्रुघ्न त्रिपाठी ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हम बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण का संदेश घर-घर तक पहुचायें। तदुपरांत लगभग तीन सौ छात्राओं, शिक्षकगण एवं अधिकारियों द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण की शपथ ली गई।

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