गांव सकंदी की बेटी ने रचा सफलता का इतिहास, MPPSC में चयनित होकर बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
शहडोल/ब्यौहारी। शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम सकंदी निवासी डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल कर वाणिज्य विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
डॉ. प्रियम विश्वकर्मा की सफलता की कहानी छोटे से गांव से शुरू होकर उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की सफलता तक पहुंचती है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोहपारू से प्राप्त की। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार की सुपर-100 योजना के तहत इंदौर में कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

उच्च शिक्षा के लिए डॉ. प्रियम वाराणसी गईं, जहां उन्होंने बीकॉम, एमकॉम और पीएचडी की शिक्षा पूरी की। वर्ष 2025 में उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने MPPSC की परीक्षा की तैयारी जारी रखी और अपनी मेहनत व लगन के दम पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हासिल किया।
अपनी सफलता का श्रेय डॉ. प्रियम ने अपने माता-पिता रामनारायण विश्वकर्मा, परिवारजनों और गुरुजनों के सहयोग के साथ-साथ अपनी निरंतर मेहनत और समर्पण को दिया है।
ग्राम सकंदी जैसे छोटे से गांव से निकलकर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने तक का डॉ. प्रियम विश्वकर्मा का सफर क्षेत्र के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि मजबूत संकल्प, निरंतर मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।