Katni 32°C | Friday, 27 March 2026

जमीन बेचने के नाम पर 24 लाख 52 हजार की धोखाधड़ी! ढीमरखेड़ा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया… लेकिन सच्चाई अभी बाकी है!

27 Mar, 2026 Adrishy Shakti crime, KATNI, Trending, Uncategorized

कटनी (अदृश्य शक्ति न्यूज़):संभाग रिपोर्टर – राजेश विश्वकर्मा
रात के अंधेरे में फोन की घंटी बजती है… और एक साधारण किसान का सपना टूट जाता है।
ग्राम बरेली के रणजीत पटेल को यकीन था कि महर्षि महेश योगी संस्थान की जमीन उनके नाम होने वाली है। लेकिन वो सपना नहीं, एक सुनियोजित जाल था। 24 लाख 52 हजार रुपये… सिर्फ कागजों पर!
पुलिस अब इस पूरे खेल को उधेड़ रही है और हर कदम पर नया राज खुल रहा है।
कैसे रचा गया था यह धोखे का जाल?
सब कुछ शुरू हुआ एक जमीन के सौदे से। आरोपी दिलीप दुबे, मनीष पांडे, मुकुंदी पटेल और मुकेश पटेल ने रणजीत पटेल को विश्वास दिलाया कि महर्षि महेश योगी संस्थान की जमीन उनके लिए उपलब्ध है। दस्तावेज दिखाए गए, बातें पक्की हुईं… और फिर पैसे की मांग शुरू।
रणजीत पटेल ने भरोसे में आकर कुल 24 लाख 52 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जमीन? वो तो कभी उनके नाम होने वाली ही नहीं थी।
जैसे-जैसे पैसे ट्रांसफर होते गए, आरोपियों ने एक चालाकी भरा खेल खेला। आरोपी मुकेश पटेल ने एस.आर.एम. फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाया। उसी खाते से मनीष पांडे और दिलीप दुबे ने पैसे अपने-अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।
न सिर्फ इतना… आरोपी मुकेश पटेल ने मुकुंदी पटेल (पिता पुन्नूलाल, निवासी हरदुआ कलां, थाना विजयराघवगढ़) के नाम से भी दूसरा फर्जी बैंक खाता खुलवाया। दोनों खातों के बीच पैसे की आवाजाही होती रही, जैसे कोई अदृश्य हाथ पैसों को गायब कर रहा हो।
रणजीत पटेल जब सच्चाई जान गए तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत थाना ढीमरखेड़ा में रिपोर्ट लिखाई।
पुलिस की सस्पेंस भरी छापेमारी
पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने सख्त आदेश दिया – “कोई भी आरोपी बचना नहीं चाहिए।”
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और एसडीओपी श्रीमती आंकाक्षा चतुर्वेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे की टीम ने रात-दिन एक कर दिया।
26 मार्च 2026 को अचानक छापा पड़ा।
मुकुंदी पटेल और मुकेश पटेल (पिता कुंजीलाल पटेल, निवासी जागृति कॉलोनी, थाना एनकेजे) को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया और कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
मनीष पांडे और दिलीप दुबे अभी भी फरार हैं।
पुलिस की टीम अब इन दोनों की तलाश में जुट गई है। हर फर्जी खाते की गुत्थी सुलझाई जा रही है। हर ट्रांसफर की डिटेल खंगाली जा रही है। क्या इनके पीछे कोई और बड़ा मास्टरमाइंड है? क्या और भी लोग इस जाल में फंसे हैं?
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सस्पेंस भरी कार्यवाही में निम्न अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई:
थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे
उपनिरीक्षक सुरेश चौधरी
सहायक उपनिरीक्षक जयपाल सिंह
प्र.आर. सुब्बचन यादव
आर. पंकज सिंह
आर. देवेन्द्र अहिरवार
आर. डुमनदास
आर. गंधर्व सिंह
निष्कर्ष
धोखाधड़ी के इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जमीन के सौदे में अंधेरे में तीर न चलाएं। हर दस्तावेज, हर बैंक डिटेल और हर व्यक्ति की पृष्ठभूमि जांच लें।
कटनी पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ बिना रुके कार्रवाई कर रही है।
अदृश्य शक्ति न्यूज़ लगातार इस मामले की अपडेट देता रहेगा।

खबर सोशल मीडिया में शेयर करें