
साइबर सेफ्टी क्रिकेट कप खितौली का भव्य समापन, सेजहरा बनी चैंपियन खितौली |
अदृश्य शक्ति न्यूज से जानकी प्रसाद विश्वकर्मा की खबर दिनांक 25 दिसंबर से प्रारंभ हुआ “साइबर सेफ्टी क्रिकेट कप खितौली 2025-26” का भव्य समापन 11 जनवरी को फॉरेस्टर प्ले ग्राउंड, खितौली में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य आमजन को डिजिटल और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, साथ ही ग्रामीण युवाओं एवं बालिकाओं को खेलों से जोड़कर एक सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर करना रहा।फाइनल मुकाबले में सेजहरा टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ताला बांधवगढ़ को 6 विकेट से पराजित कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। विजेता सेजहरा टीम को ₹51,000 की नकद राशि एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता ताला बांधवगढ़ टीम को ₹25,000 की नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसी मैदान पर आयोजित बालिकाओं के फाइनल मुकाबले में टीम कल्पना चावला ने टीम सुनीता विलियम्स को पराजित कर खिताब जीता। यह टूर्नामेंट क्षेत्र का एकमात्र विमेंस क्रिकेट कप है, जिससे बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिल रही है।

टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अयाज अनवर को “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” तथा विशाल वीसी को फाइनल मैच में शानदार खेल के लिए “प्लेयर ऑफ द मैच” घोषित किया गया।इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रामलाल गुप्ता जी (पूर्व सांसद प्रतिनिधि),काशी प्रसाद गुप्ता जी (विधायक प्रतिनिधि),सिंगरौली सब इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह जी,ऋषभ सिंह बघेल जी (चौकी प्रभारी खितौली),सरपंच सुखसेन सिंह जी,अरविंद दुबे, जीतू सिंह, सत्यप्रकाश तिवारी,रोहित गर्ग, मनीष गौतम (बरवाही) एवं प्रमोद जैन सहित एनसीसी के वरिष्ठ खिलाड़ी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए साइबर जागरूकता जैसे सामाजिक उद्देश्य से जुड़े इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कलाम फाउंडेशन एवं एनसीसी नेशनल क्रिकेट क्लब खितौली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति ने बताया कि यह टूर्नामेंट केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने का एक सशक्त जनजागरण अभियान भी है।आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए समस्त खितौली वासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह टूर्नामेंट ऐतिहासिक एवं यादगार बन सका।





