Katni 32°C | Wednesday, 1 April 2026

1 अप्रैल 2026 से लागू: नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 – 64 साल पुराने कानून की जगह लिया नया सरल टैक्स सिस्टम

नई दिल्ली | 1 अप्रैल, 2026

देश के टैक्स इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। केंद्र सरकार ने 1961 के जटिल टैक्स ढांचे को विदा कर ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ को पूरे देश में लागू कर दिया है। ‘प्रारंभ 2026’ (PRARAMBH 2026) अभियान के तहत सरकार का लक्ष्य टैक्स भरने की प्रक्रिया को चाय बनाने जितना सरल बनाना है।

क्यों बदला गया कानून? (पुराना बनाम नया)

पुराना एक्ट संशोधनों के बोझ तले दबकर काफी पेचीदा हो गया था। नए बदलावों ने इसे ‘शॉर्ट एंड स्वीट’ बना दिया है:

विशेषता

                   पुराना एक्ट (1961)।          नया एक्ट (2025)

कुल सेक्शन।            819।                       536

कुल चैप्टर।               47।                          23

भाषा।         कठिन और तकनीक।              सरल और स्पष्ट

फॉर्मूल।              बिखरे हुए।        40 स्पष्ट फॉर्मूले और 39 टेबल

बड़ा बदलाव: अब ‘Assessment Year’ का झंझट खत्म!

​अब तक करदाता ‘Previous Year’ और ‘Assessment Year’ के बीच उलझे रहते थे। नए कानून ने इसे समाप्त कर दिया है।

  • सिर्फ ‘Tax Year’: अब केवल एक ही शब्द होगा— Tax Year
  • उदाहरण: 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि को सीधे Tax Year 2026-27 कहा जाएगा। जिस साल कमाई, उसी साल का टैक्स कैलकुलेशन।

सैलरीड क्लास के लिए ‘गुड न्यूज़’

​नौकरीपेशा लोगों के लिए इस नए एक्ट में खुशियों की सौगात है:

  1. स्टैंडर्ड डिडक्शन: ₹50,000 से बढ़ाकर सीधा ₹75,000 कर दिया गया है।
  2. बच्चों की शिक्षा: शिक्षा भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह (2 बच्चों तक)।
  3. हॉस्टल सब्सिडी: ₹300 से बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह
  4. लंच ब्रेक: ऑफिस मील भत्ता ₹50 से बढ़ाकर ₹200 प्रति मील कर दिया गया है।
  5. मेट्रो सिटी का विस्तार: HRA छूट के लिए अब पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी मेट्रो शहरों (50% छूट) की श्रेणी में रखा गया है।
  6. ITR-1 और ITR-2: 31 जुलाई तक।
  7. ITR-3 और ITR-4 (बिना ऑडिट): 31 अगस्त तक।
  8. ऑडिट वाले मामले: 31 अक्टूबर तक।
  9. नया फॉर्म: अब पुराने Form 16 की जगह Form 130 का इस्तेमाल होगा।

ITR फाइलिंग: अब तारीखें याद रखना आसान

​सरकार ने रिटर्न भरने की समय सीमा को भी श्रेणीबद्ध कर दिया है:

  • ITR-1 और ITR-2: 31 जुलाई तक।
  • ITR-3 और ITR-4 (बिना ऑडिट): 31 अगस्त तक।
  • ऑडिट वाले मामले: 31 अक्टूबर तक।
  • नया फॉर्म: अब पुराने Form 16 की जगह Form 130 का इस्तेमाल होगा।

एक्सपर्ट कमेंट: क्या बदलेंगे टैक्स रेट?

​विशेषज्ञों के अनुसार, नए एक्ट का मुख्य उद्देश्य ‘सरलीकरण’ है, न कि टैक्स बढ़ाना। टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन और भत्तों में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा।

सलाह: इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाकर Comparison Tool का उपयोग करें और देखें कि नए नियमों से आपकी कितनी बचत हो रही है। जटिल आय वाले लोग CA की सलाह जरूर लें।

खबर सोशल मीडिया में शेयर करें